– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ट्रैप कार्रवाई में कार्यक्रम पदाधिकारी और लेखापाल रंगे हाथ पकड़े गए, बिल भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
खगड़िया, 28 जुलाई 2026। भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (बिहार) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड में मनरेगा के दो अधिकारियों को ₹45,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारियों में मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी रमन जी तथा लेखापाल मो. शाहिद अकरम शामिल हैं।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने मंगलवार को निगरानी थाना कांड संख्या 088/26 (दिनांक 24 जुलाई 2026) के तहत यह कार्रवाई की। दोनों आरोपियों को अलौली प्रखंड कार्यालय परिसर से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे कथित रूप से रिश्वत की राशि स्वीकार कर रहे थे।
ब्यूरो के अनुसार, अलौली थाना क्षेत्र के भिखारीघाट निवासी विपिन कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मनरेगा योजना के अंतर्गत आपूर्ति की गई सामग्रियों के बिल भुगतान के बदले कार्यक्रम पदाधिकारी एवं लेखापाल द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक मो. वसीम फिरोज के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन कर ट्रैप कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को ₹45,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। ब्यूरो ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी), भागलपुर में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 88वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 81 ट्रैप कांड शामिल हैं। अब तक ट्रैप मामलों में 82 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा ₹29,63,800 की रिश्वत राशि बरामद की गई है। ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें ₹37,80,300 की रिश्वत राशि बरामद हुई थी।

