-एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, पुनपुन नदी तट पर एसडीआरएफ व गोताखोर रहेंगे मुस्तैद
पुनपुन (पटना), 25 सितंबर: ऐतिहासिक एवं धार्मिक मान्यता प्राप्त पुनपुन पितृपक्ष मेला विधिवत शुरू हो गया है। देश-विदेश से अपने पितरों के तर्पण एवं प्रथम पिंडदान के लिए पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम आवागमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शुक्रवार को जिलाधिकारी कुंदन कुमार एवं वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने संयुक्त रूप से पुनपुन मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रशासनिक व सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने स्थानीय पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों एवं पुलिस बलों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मेला परिसर, घाटों और संपर्क मार्गों पर निरंतर स्वच्छता बनाए रखने, कूड़े का त्वरित उठाव करने और अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति, हाई मास्ट लाइटों से प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और सचल शौचालयों को चौबीसों घंटे क्रियाशील रखने की हिदायत दी।

यातायात और भीड़ प्रबंधन पर जोर देते हुए डीएम ने पार्किंग स्थलों को सुव्यवस्थित करने और चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर कड़े ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने के निर्देश दिए, ताकि वाहनों का आवागमन निर्बाध रहे। वहीं पुनपुन नदी के घाटों पर स्नान व तर्पण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम को लाइफ जैकेट व नावों के साथ निरंतर मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रतिनियुक्त सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को संवेदनशीलता और पूरी सतर्कता के साथ दायित्व निभाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम व एसएसपी ने कहा कि पुनपुन मेला आस्था का प्रमुख केंद्र है, अतः सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर ऐसा वातावरण तैयार करें ताकि श्रद्धालु यहां से सुखद व सुरक्षित अनुभव लेकर लौटें।
