– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा- प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर नई श्रम संहिताओं के सफल क्रियान्वयन की आधारशिला, श्रम संहिता नियमावली पुस्तक का किया विमोचन
पटना, 16 जुलाई। दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में वी.वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान, भारत सरकार तथा दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय “श्रम संहिताओं एवं उनकी नियमावलियों पर प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम” का समापन हुआ। समापन समारोह में श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने श्रम संहिता नियमावली पुस्तक का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार, श्रमायुक्त राजेश भारती, श्रम संसाधन विभाग एवं वी.वी. गिरी राष्ट्रीय श्रम संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि नई श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्रम संहिताओं का उद्देश्य केवल श्रम कानूनों का सरलीकरण करना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उद्योगों के बीच विश्वास, पारदर्शिता एवं संतुलन स्थापित करना भी है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर नई श्रम संहिताओं से संबंधित सभी राज्य नियमावलियों का निर्माण एवं अधिसूचना जारी कर इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में स्थान बनाया है।
मंत्री ने प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों को अब मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनकी जिम्मेदारी अपने-अपने जिलों में अधिकारियों, नियोजकों, श्रमिक संगठनों तथा श्रमिकों तक नई श्रम संहिताओं की सही एवं सरल जानकारी पहुंचाना है। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान स्थानीय भाषा के उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों से जुड़े प्रावधानों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नई श्रम संहिताओं से संगठित एवं असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, समय पर उचित पारिश्रमिक, सुरक्षित कार्यस्थल और बेहतर कार्य परिस्थितियों का लाभ मिलेगा। वहीं उद्योगों के लिए प्रक्रियाएं अधिक सरल होंगी तथा डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन एवं ऑनलाइन अनुपालन प्रणाली से पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों को नई श्रम संहिताओं के प्रावधानों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाना है। वहीं, श्रमायुक्त राजेश भारती ने कहा कि राज्यभर में मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से सभी हितधारकों को प्रशिक्षित कर नई श्रम संहिताओं का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

