313वाँ निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित

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– रंजीत प्रसाद सिन्हा : संवाददाता

माता प्रभा देवी की 13वीं पुण्यतिथि पर डॉ. रमन किशोर की पहल, 250 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं

पटना, 20 जुलाई। “गाँव का डॉक्टर” के नाम से पहचान बनाने वाले डॉ. रमन किशोर ने अपनी माता स्वर्गीय प्रभा देवी की 13वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पटना जिले के भुसौला में 313वें निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। शिविर में करीब 250 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें निःशुल्क दवाएं, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।

शिविर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। इनमें शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनय कुमार, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजनी सौरभ और डॉ. सोमा सुन्दरम, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मृदिमा, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीपर्णा तथा नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनिका शामिल रहीं। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और उपचार उपलब्ध कराया।

इस अवसर पर डॉ. रमन किशोर ने बताया कि वर्षों पहले समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण उन्होंने अपनी माता को खो दिया था। इसी व्यक्तिगत अनुभव ने उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इलाज के अभाव में किसी अन्य परिवार को अपने प्रियजन को न खोना पड़े।

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य शिविरों में जांच कराने वाले मरीजों के नियमित फॉलो-अप के लिए फुलवारीशरीफ स्थित एम्स गोलंबर के पास एक स्वास्थ्य केंद्र भी संचालित किया जा रहा है। यहां मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श, नियमित फॉलो-अप और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

डॉ. रमन किशोर पिछले सात वर्षों से ग्रामीण एवं वंचित समुदायों के बीच निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा अभियान चला रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपनी आय का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा इस सामाजिक अभियान पर खर्च करते हैं। अब तक उनके द्वारा आयोजित 313 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 53 हजार से अधिक मरीजों को निःशुल्क जांच, दवा, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है।

शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। माता प्रभा देवी की स्मृति में आयोजित यह शिविर सेवा, समर्पण और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।