सीसीएल में मानव संसाधन अधिकारियों को AI आधारित प्रशिक्षण

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

मानव संसाधन प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं पर हुआ मंथन

रांची, 30 जुलाई 2026। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग द्वारा मानव संसाधन अधिकारियों के लिए “मानव संसाधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) की भूमिका” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीसीएल के विभिन्न क्षेत्रों एवं मुख्यालय से लगभग 50 मानव संसाधन अधिकारियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सीसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के संकाय देशबंधु मिश्रा तथा महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक भी उपस्थित रहे।

स्वागत संबोधन में महाप्रबंधक (एचआरडी) एम.एफ. हक ने कहा कि वर्तमान कार्य परिवेश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक महत्वपूर्ण और अभिन्न तकनीकी उपकरण के रूप में उभरकर सामने आई है। उन्होंने कहा कि बदलती कार्य संस्कृति और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन पेशेवरों के लिए AI की कार्यप्रणाली को समझना तथा उसके प्रभावी उपयोग के लिए स्वयं को तैयार करना समय की आवश्यकता है।

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उद्घाटन संबोधन में निदेशक (तकनीकी/संचालन) सी.एस. तिवारी ने मानव संसाधन प्रबंधन में AI की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्यों को अधिक दक्ष, त्वरित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि AI के उपयोग से जुड़े नैतिक पहलुओं, संभावित चुनौतियों तथा अन्य ग्रे-एरिया पर गंभीरता से विचार करना आवश्यक है, ताकि तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संतुलन के साथ किया जा सके।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न आयामों, मानव संसाधन प्रबंधन में इसके व्यावहारिक उपयोग, डिजिटल परिवर्तन, कार्य दक्षता में सुधार तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने भी सक्रिय सहभागिता करते हुए AI से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और अपने अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ हुआ। सीसीएल प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों की क्षमता वृद्धि के साथ-साथ संगठन में आधुनिक तकनीकों के प्रभावी और उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग को भी बढ़ावा देंगे।