– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा- बिहार की पुण्य-पावन धरती को नमन करने आया हूं, वैशाली की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा को भी सराहा
पटना, 17 अगस्त। भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय बिहार दौरे पर रविवार को पटना पहुंचे। उनके साथ उच्चस्तरीय शिष्टमंडल में वरीय उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल, महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना सहित निर्वाचन आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, पटना जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय कुमार शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
हवाई अड्डे पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “मैं बिहार की पुण्य-पावन धरती को नमन करने आया हूं।” उन्होंने बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण का देशभर में सबसे सफल आयोजन बिहार से शुरू हुआ।
बिहार के मतदाताओं की सराहना
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में बिहार में मतदान प्रतिशत आजादी के बाद अब तक हुए चुनावों में सर्वाधिक रहा। उन्होंने कहा कि बिहार में दर्ज मतदान प्रतिशत कई विकसित देशों, जैसे फ्रांस, जापान और स्पेन की तुलना में भी अधिक रहा है।
उन्होंने बिहार के मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि लोकतंत्र की जननी वैशाली की धरती से लोकतांत्रिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा जुड़ी हुई है। उन्होंने वैशाली और बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार जताया।

सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली का करेंगे दौरा
बिहार प्रवास के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सीतामढ़ी, मधुबनी और वैशाली का दौरा करेंगे। उनके साथ बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भी रहेंगे। इस दौरान वे जिला निर्वाचन तंत्र के अधिकारियों के साथ संवाद करेंगे तथा राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों का भी अवलोकन करेंगे।
वैशाली की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा को किया नमन
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने रविवार को वैशाली के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप, राजा विशाल का गढ़ और कोल्हुआ स्थित ऐतिहासिक अवशेषों का अवलोकन किया। इस दौरान बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद कुमार गुंजियाल भी उनके साथ मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में ज्ञानेश कुमार ने वैशाली की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपरा को नमन करते हुए कहा कि लगभग 2500 वर्ष पूर्व वैशाली में स्थापित लोकतांत्रिक परंपरा आज भी गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने वैशाली को विश्व की प्राचीन लोकतांत्रिक परंपराओं की महत्वपूर्ण भूमि बताते हुए बिहारवासियों से इस गौरवशाली विरासत पर गर्व करने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि जहां इतिहास बोलता है, वहीं लोकतंत्र की जड़ें भी दिखाई देती हैं।
इस अवसर पर वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
लोकतांत्रिक विरासत का केंद्र है वैशाली
वैशाली को भारतीय इतिहास, संस्कृति और लोकतांत्रिक परंपरा की गौरवशाली पहचान के रूप में जाना जाता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के दौरे के दौरान लोकतंत्र की इस प्राचीन भूमि की ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था के बीच संबंधों को भी रेखांकित किया गया।

