बिहार में मुफ्त ECG जांच का दायरा बढ़ा: 606 सरकारी अस्पतालों में सुविधा, अब तक 11.43 लाख से अधिक टेस्ट

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

हृदय रोगियों को 10 मिनट में मिल रही तकनीकी रिपोर्ट, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंची मुफ्त जांच सुविधा

पटना, 27 सितम्बर 2026 : बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य के नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निःशुल्क ईसीजी (ECG) जांच सुविधा का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इस विशेष पहल का मुख्य उद्देश्य हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक स्तर पर पहचान कर मरीजों को त्वरित चिकित्सीय परामर्श और उपचार मुहैया कराना है।

विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से 26 सितंबर 2026 तक पूरे राज्य में कुल 11.43 लाख से अधिक ईसीजी टेस्ट किए जा चुके हैं। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच कराने वाले मरीजों को महज 10 मिनट के भीतर विशेषज्ञ तकनीकी व्याख्या के साथ रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाती है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों की जान बचाने में मदद मिल रही है।

तिमाही आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि इस सेवा का लाभ उठाने वाले लोगों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है:

  • अप्रैल-जून 2025: 15,086 जांच
  • जुलाई-सितंबर 2025: 57,440 जांच
  • अक्टूबर-दिसंबर 2025: 1,43,943 जांच
  • जनवरी-मार्च 2026: 2,57,605 जांच
  • अप्रैल-जून 2026: 3,11,903 जांच
  • जुलाई से 26 सितंबर 2026 तक: 3,57,928 जांच दर्ज की गई हैं।

वर्तमान समय में यह सुविधा राज्य भर के 606 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। इनमें जिला अस्पताल (DH), अनुमंडलीय अस्पताल (SDH), रेफरल अस्पताल (RH), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) शामिल हैं। प्रखंड और पंचायत स्तर तक यह तकनीक पहुंचने से ग्रामीण आबादी को अब निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों के महंगे खर्च और लंबी यात्रा से मुक्ति मिली है।

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की यह पहल सुदूर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर आधुनिक जांच की सुविधा देने में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। 606 केंद्रों पर 11.43 लाख से अधिक मुफ्त जांच इस बात का प्रमाण है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र पर जनता का विश्वास लगातार सुदृढ़ हो रहा है।

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