बालीडीह में डीएसपी ने ली मासिक अपराध समीक्षा बैठक, लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

बेहतरीन कार्य के लिए दो पुलिस अवर निरीक्षक होंगे पुरस्कृत, साइबर सुरक्षा जागरूकता और गश्ती बढ़ाने पर जोर

बोकारो, 04 सितंबर 2026: बालीडीह थाना परिसर में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में बालीडीह थाना, माराफारी थाना, साइबर थाना एवं बालीडीह ओपी के सभी अनुसंधानकर्ताओं तथा थाना प्रभारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान क्षेत्र की विधि-व्यवस्था एवं अनुसंधान की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए पुलिस उपाधीक्षक ने निम्नलिखित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन: सभी लंबित कांडों में अनुसंधान की गति तेज कर अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और मामलों का ससमय निष्पादन किया जाए।
  2. समय पर आरोप पत्र समर्पित करना: अनुसंधानकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा (60 अथवा 90 दिनों) के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करें।
  3. नागरिकों से शालीन व्यवहार: थानों में अपनी शिकायत लेकर पहुंचने वाले पीड़ितों और आम नागरिकों के साथ पुलिस पदाधिकारी संवेदनशील एवं मर्यादित व्यवहार करें।
  4. अपराधियों पर निगरानी व जागरूकता: सभी बीट पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जमानत पर जेल से बाहर आए अपराधियों की लगातार निगरानी करें तथा सप्ताह में एक दिन निर्धारित विषय पर जन-जागरूकता अभियान चलाएं।
  5. नियमित गश्ती और क्यूआर कोड का उपयोग: क्षेत्र में नियमित गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए और गश्ती की पहुंच व पारदर्शिता बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड (QR Codes) प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो।
  6. दुर्घटना मामलों में मुआवजा: सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों में पीड़ितों के लिए ससमय मुआवजा प्रस्ताव तैयार कर अग्रेषित किया जाए।
  7. वारंट और नोटिस का तामीला: न्यायालय से प्राप्त होने वाले सभी वारंट एवं नोटिसों का बिना किसी देरी के ससमय निष्पादन कराया जाए।
  8. धारा 35(3) नोटिस में एकरूपता: अनुसंधान के दौरान अभियुक्तों को जारी किए जाने वाले धारा 35(3) के नोटिस के प्रारूप और प्रक्रिया में पूर्ण एकरूपता लाई जाए।
  9. साइबर अपराधों का क्षेत्राधिकार: 2 लाख रुपये से कम राशि के साइबर धोखाधड़ी के मामलों को संबंधित स्थानीय थानों में दर्ज किया जाए, जबकि 2 लाख रुपये से अधिक के मामलों को सीधे साइबर थाना में दर्ज कर अनुसंधान किया जाए।
  10. मादक पदार्थों व तस्करी पर पूर्ण रोक: क्षेत्र में अवैध गांजा, अफीम, शराब और मवेशी तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

समीक्षा के दौरान उत्कृष्ट कार्य प्रदर्शन पर संज्ञान लेते हुए पाया गया कि पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव (बालीडीह) एवं मुकेश कुमार (माराफारी) ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए 6-6 विशेष प्रतिवेदित कांडों का सफल निष्पादन किया है। उनके इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी।

बैठक के अंत में सभी बीट पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में “बैंक पासबुक, एटीएम विवरण, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग एक्सेस और ओटीपी किसी से साझा न करने” के विषय पर इस सप्ताह सघन साइबर जागरूकता अभियान संचालित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।

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