– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher
मिथिला महिला समिति ने गीत-नृत्य और प्रतियोगिताओं के साथ मनाया सावन मिलन, पूनम झा बनीं सिया सुंदरी
बोकारो, 9 अगस्त। मिथिला सांस्कृतिक परिषद की इकाई मिथिला महिला समिति की ओर से शनिवार की शाम सेक्टर-4 स्थित मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के विद्यापति सभागार में सावन महोत्सव का आयोजन किया गया। गीत, संगीत, नृत्य और विभिन्न प्रतियोगिताओं से सजे कार्यक्रम में मिथिला की सांस्कृतिक विरासत की मनोहारी झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि डॉ. प्रतिमा झा, मिथिला महिला समिति की अध्यक्ष पूनम मिश्रा और सचिव आभा झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ. प्रतिमा झा ने उपस्थित लोगों को सावन महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सावन का महीना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन मिथिलांचल में इसका विशेष महत्व है। भगवान शिव की आराधना और प्रकृति के उत्सव के साथ नवविवाहित महिलाएं श्रद्धा एवं उल्लास से मधुश्रावणी पर्व मनाती हैं।
डॉ. प्रतिमा झा ने मिथिला महिला समिति के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने में समिति का योगदान प्रशंसनीय है। इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष पूनम मिश्रा और सचिव आभा झा ने मुख्य अतिथि को सम्मानित किया।
विद्यापति की भगवती वंदना से हुआ आगाज
कार्यक्रम की शुरुआत महाकवि विद्यापति की रचना ‘जय जय भैरवि असुर भयाउनि…’ की सुमधुर प्रस्तुति से हुई। इसके बाद समिति की सदस्याओं ने सावन पर आधारित मैथिली गीतों और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
सावन मिलन के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सिया सुंदरी प्रतियोगिता में पूनम झा (शैव्या) ने प्रथम, बीना झा ने द्वितीय और विनीता राय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा
डाला सजाओ प्रतियोगिता में ऋतु मिश्रा ने प्रथम, बीनू चौधरी ने द्वितीय और सीमा झा ने तृतीय स्थान हासिल किया। बेस्ट डांसर का पुरस्कार प्रीति प्रिया को तथा बेस्ट पर्सनेलिटी का पुरस्कार मीरा रॉय को मिला। प्रतियोगिताओं में पूनम झा ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
मिथिला संस्कृति के संरक्षण पर जोर
मिथिला महिला समिति की अध्यक्ष पूनम मिश्रा ने कहा कि समिति की ओर से समय-समय पर मिथिला की संस्कृति और परंपराओं से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके साथ ही समाज उत्थान और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
कार्यक्रम का मंच संचालन बबीता झा ने किया। मौके पर शीला मिश्रा, किरण मिश्रा, नमिता झा, रुबी ठाकुर, आशा झा, इंदिरा झा, जयंती पाठक, चंदा झा, लीला झा, आशा पाठक, डॉ. मंजु झा, ऋतु मिश्रा, अर्पणा झा, प्रेरणा ओझा, रंजना भगत, अलका झा, राज कुमारी झा, सविता मिश्रा, किरण झा सहित समिति की अन्य सदस्याएं उपस्थित रहीं।
सावन महोत्सव में मैथिली गीत-संगीत, पारंपरिक प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मिथिला की लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को जीवंत किया गया।

