बोकारो में नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट शुरू

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– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा-खेल अनुशासन, निरंतर प्रयास और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है

बोकारो, 25 अगस्त। सेक्टर-4 स्थित मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम में मंगलवार को द्वितीय एनटीपीसी नेशनल रैंकिंग आर्चरी टूर्नामेंट-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त अजय नाथ झा ने दीप प्रज्वलित कर प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका स्वागत किया और बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।

खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि खेल केवल जीत और हार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन में अनुशासन, निरंतर प्रयास और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी झारखंड की आदिवासी संस्कृति और समृद्ध परंपरा से गहराई से जुड़ा खेल है। भारतीय तीरंदाजों ने अपनी प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का गौरव बढ़ाया है।

उपायुक्त ने खिलाड़ियों से लगातार अभ्यास करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी खेल में सफलता के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।

हर साल तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं कराने का लक्ष्य

उपायुक्त ने बोकारो में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिले में प्रत्येक वर्ष कम से कम तीन राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने औद्योगिक घरानों और विभिन्न संस्थानों से खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आगे आने और प्रतियोगिताओं को प्रायोजित करने का आग्रह किया।

उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से बोकारो पहुंचे खिलाड़ियों से जिले की खेल सुविधाओं का अवलोकन करने और उनमें सुधार के लिए आवश्यक सुझाव देने की भी अपील की। इससे स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाओं को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण तीरंदाजों को मिलेगा मंच

झारखंड आर्चरी संघ के अध्यक्ष एवं गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता के आयोजन को बोकारो और पूरे झारखंड के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों से राज्य के ग्रामीण और उदीयमान तीरंदाजों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर मिलता है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजनों से झारखंड में तीरंदाजी को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।