– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
सहयोगिनी ने समान अवसर, कानूनी अधिकार और आत्मनिर्भरता को लेकर किया जागरूक
बोकारो, 25 अगस्त। दिव्यांग महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, समान अवसर उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सहयोगिनी संस्था की ओर से बहादुरपुर स्थित कार्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में दिव्यांग महिलाओं के अधिकारों, सामाजिक चुनौतियों और उनके सशक्तीकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के परिचय के साथ हुई। इसके बाद अधिकारों और सामाजिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों को लेकर विस्तार से संवाद किया गया। रिसोर्स पर्सन शशि भूषण पांडेय ने दिव्यांग महिलाओं के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिलाओं को सम्मानजनक जीवन, शिक्षा, रोजगार और सरकारी सेवाओं तक समान पहुंच का अधिकार है।
रिसोर्स पर्सन चंचला कुमारी ने कहा कि दिव्यांग महिलाओं को दया या सहानुभूति की जरूरत नहीं है। उन्हें समान अवसर, कौशल विकास और अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने समाज में दिव्यांग महिलाओं के प्रति सोच में बदलाव लाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
सहयोगिनी की सचिव मंजू देवी ने कहा कि दिव्यांग महिलाओं को कमजोर समझने के बजाय समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए परिवार, पंचायत और सरकारी संस्थाओं को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से दिव्यांग महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
संस्था के निदेशक गौतम सागर ने कहा कि दिव्यांग महिलाओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता और सामुदायिक संवाद का अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारों की जानकारी और सामाजिक सहयोग से दिव्यांग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने दिव्यांग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने और उनके साथ होने वाले भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में कुमारी किरण, संजय कुमार दास, प्रकाश कुमार महतो, रवि कुमार राय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और संस्था के सदस्य मौजूद रहे।

