Anjaan Jee : Editor in Chief & Publisher
रांची | 26 जनवरी 2026
सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने 77वां गणतंत्र दिवस समारोह महात्मा गांधी क्रीड़ांगण, सीसीएल गांधीनगर में उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया। इस अवसर पर अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) निलेन्दु कुमार सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित सभी कर्मियों, अधिकारियों व उनके परिवारजनों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की शुरुआत शांति और प्रगति के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में उड़ाकर की गई। इसके पश्चात सीएमडी ने सीसीएल सुरक्षा कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों, आर्मी बैंड और डीएवी गांधीनगर स्कूल के विद्यार्थियों की परेड का निरीक्षण किया। समारोह में निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा, सीवीओ पंकज कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी, श्रमिक प्रतिनिधि, सीसीएल कर्मी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में “अर्पिता महिला मंडल” की अध्यक्षा प्रीति सिंह एवं क्लब की अन्य सदस्य भी समारोह में शामिल रहीं।
सीएमडी का संदेश : विकास तभी सार्थक, जब वह सुरक्षित और समावेशी हो
अपने संबोधन में सीएमडी निलेन्दु कुमार सिंह ने कहा कि तेज़ विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरण-सुरक्षित, समाज-समावेशी और भविष्य-उन्मुख हो। उन्होंने संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि सीसीएल भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है और कोयला केवल ईंधन नहीं, बल्कि देश के औद्योगिक विकास की आधारशिला है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में सीसीएल ने उत्पादन एवं प्रेषण में निरंतर प्रगति की है और कर्मचारियों-श्रमिकों के समर्पण से संगठन देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को मजबूती से पूरा कर रहा है।
नई परियोजनाएं और उत्पादन विस्तार
सीएमडी ने जानकारी दी कि सीसीएल ने नई खदानों के विकास और बंद खदानों के पुनरुद्धार में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं—
- कोत्रे-बसंतपुर-पचमो ओपन कास्ट परियोजना (5 मिलियन टन/वर्ष) – नवंबर 2025 से उत्पादन प्रारंभ
- चंद्रगुप्त ओपन कास्ट परियोजना (15 मिलियन टन क्षमता) – सभी वैधानिक स्वीकृतियों के बाद उत्पादन के लिए तैयार
- पिपरवार फेज-1 अंडरग्राउंड परियोजना – इन्क्लाइन ड्राइवेज का कार्य आरंभ
- राजहरा ओपन कास्ट परियोजना – इसी माह से कोयला उत्पादन शुरू
पर्यावरण संरक्षण और नेट-ज़ीरो लक्ष्य
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि सीसीएल अब पारंपरिक खनन से आगे बढ़कर सस्टेनेबल माइनिंग की दिशा में काम कर रहा है –
- 5,720 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 1.10 करोड़ पौधारोपण
- वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु
- 28 ट्रॉली-माउंटेड फॉग कैनन
- 21 ट्रक-माउंटेड फॉग कैनन
- 141 मोबाइल वाटर टैंकर
- 26 किमी लंबे विंड बैरियर
- नेट-ज़ीरो लक्ष्य के तहत 425 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की योजना
- वर्तमान में 26.7 मेगावाट स्थापित क्षमता
- पिपरवार 20 मेगावाट सोलर प्लांट से प्रतिमाह लगभग 28 लाख यूनिट बिजली उत्पादन, जिससे हर माह करीब 1.10 करोड़ रुपये की बचत

समाज-समावेशी विकास और सीएसआर
सीएमडी ने कहा कि सीसीएल समाज के समावेशी विकास के लिए अपनी सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत निरंतर निवेश कर रहा है –
- वित्त वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 50 करोड़ रुपये से अधिक सीएसआर व्यय
- “नन्हा सा दिल” परियोजना
- 28,000 से अधिक बच्चों की जांच
- 75 बच्चों की सफल हार्ट सर्जरी
- शिक्षा, आजीविका, खेल और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन
निदेशक (मानव संसाधन) का संदेश
गणतंत्र दिवस के अवसर पर निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र ने सीसीएल मुख्यालय दरभंगा हाउस और गांधीनगर केंद्रीय अस्पताल में ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा –
“गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि संविधान की गरिमा और लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सीसीएल न केवल उद्योग जगत में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।”
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह
समारोह में डीएवी गांधीनगर, ज्ञानोदय स्कूल और केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सीएमडी एवं निदेशकगण द्वारा पुरस्कृत किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीसीएल के सुरक्षा गार्ड को भी सम्मानित किया गया।
सीसीएल का यह 77वां गणतंत्र दिवस समारोह केवल उत्सव नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, सतत विकास, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का जीवंत संदेश बनकर उभरा।
