– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
अंतरसदन नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का दिया सशक्त संदेश
बोकारो, 31 जुलाई। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) चास में आयोजित अंतरसदन सांस्कृतिक महोत्सव के तीसरे दिन विद्यालय का सभागार भारतीय संस्कृति के विविध रंगों, लोक परंपराओं और मधुर संगीत से सराबोर हो उठा। अंतरसदन नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर उतारते हुए ‘अनेकता में एकता’ का प्रभावशाली संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपिका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, लोकधुनों और आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों के बीच उत्साहपूर्ण प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। गंगा सदन ने बंगाल की समृद्ध लोक संस्कृति पर आधारित बांग्ला लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जबकि जमुना सदन ने पंजाब के जोश और उत्साह से भरपूर लोकनृत्य की प्रस्तुति देकर खूब सराहना बटोरी।
चेनाब सदन ने असम की सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन को दर्शाते हुए बिहू नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। वहीं सतलज सदन ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की गरिमा को प्रदर्शित करते हुए ओडिसी नृत्य के माध्यम से दर्शकों का दिल जीत लिया।
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प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रियंका शर्मा (डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-4), शिल्पा (श्री अय्यप्पा पब्लिक स्कूल, सेक्टर-4) और सोनल दत्ता (लायंस क्लब, बोकारो) ने किया। ताल-लय, भाव-भंगिमा, वेशभूषा, समन्वय और मंच संचालन के आधार पर चेनाब एवं जमुना सदन को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्रदान किया गया। गंगा सदन द्वितीय तथा सतलज सदन तृतीय स्थान पर रहा। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की तैयारी, अनुशासन और सांस्कृतिक समझ की सराहना की।
मुख्य अतिथि डॉ. दीपिका ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है। विद्यार्थियों ने जिस आत्मविश्वास और समर्पण के साथ विभिन्न राज्यों की संस्कृति को मंच पर प्रस्तुत किया, वह अत्यंत प्रेरणादायक और सराहनीय है।
विद्यालय की निदेशिका एवं प्राचार्या डॉ. मनीषा तिवारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति विविधताओं का विराट संगम है और यही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों और शिक्षकों को सफल आयोजन एवं उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी।
विद्यालय के प्रो-वाइस चेयरमैन राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियां नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व का विकास भी है। सांस्कृतिक गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सहयोग की भावना और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गर्व का भाव विकसित करती हैं।
कार्यक्रम में डी.एस. मेमोरियल सोसायटी, चास के सचिव सुरेश अग्रवाल, पुष्प सन शाइन स्कूल, चास की निदेशिका पुष्पा अग्रवाल सहित विद्यालय परिवार के सदस्य, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

