-एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
सुपौल, सहरसा और मधेपुरा के डीएम-एसपी रहे मौजूद; ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन व सीसीटीवी अधिष्ठापन में तेजी लाने का आदेश
सुपौल, 23 सितंबर: कोसी प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार की अध्यक्षता में सुपौल समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में प्रमंडल स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सहरसा, सुपौल एवं मधेपुरा जिले के राजस्व, विकासात्मक कार्यों, सीसीटीवी अधिष्ठापन तथा विधि-व्यवस्था संधारण की बिंदुवार समीक्षा की गई और कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में सुपौल जिलाधिकारी सावन कुमार, सहरसा जिलाधिकारी दीपेश कुमार, मधेपुरा जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, सुपौल पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस. तथा सहरसा पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग सहित तीनों जिलों के वरीय प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्व सुधार व डिजिटाइजेशन को प्राथमिकता
प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने राजस्व कार्यों की समीक्षा करते हुए ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस तथा आधार सीडिंग के लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने का निर्देश दिया। डिजिटाइज्ड जमाबंदी से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में सुपौल डीएम को ई-मापी के कार्यों को विशेष अभियान चलाकर निष्पादित करने को कहा गया। साथ ही लगान अद्यतनीकरण और वैसे मामले जिनमें खाता, खेसरा अथवा रकबा दर्ज नहीं है, उन्हें अभियान मोड में सुधारने का आदेश दिया गया। ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए सुयोग्य भूमिहीन परिवारों को शीघ्र वासभूमि का पर्चा उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। इसके अलावा ‘सेवा संवाद समाधान’ और बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत लंबित मामलों का तय समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश मिला।
विकास योजनाओं व सुरक्षा व्यवस्था पर मंथन
विकासात्मक योजनाओं के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना विलंब पात्र लाभुकों तक पहुंचना चाहिए। विधि-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने पुलिस पदाधिकारियों को गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई, अभियुक्तों की गिरफ्तारी, गैर-जमानती वारंटों के तामिला और नीलाम पत्र वादों के त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए।
