राष्ट्र सेविका समिति की तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक संपन्न

Live ख़बर

– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

समालखा में 40 प्रांतों के 488 प्रतिनिधियों की भागीदारी, कार्य विस्तार, सामाजिक विषयों और जनसंख्या नीति पर हुआ मंथन

समालखा, 27 जुलाई 2026। राष्ट्र सेविका समिति की अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधि मंडल की प्रथम अर्धवार्षिक तीन दिवसीय बैठक हरियाणा के समालखा में संपन्न हुई। बैठक में प्रमुख संचालिका शांताकुमारी, प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री सहित देश के 40 प्रांतों से कुल 488 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के कार्यों की समीक्षा, कार्य विस्तार, सामाजिक विषयों तथा महिला एवं युवा सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।

बैठक में फरवरी 2026 से अब तक विभिन्न स्तरों पर हुए संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा की गई। समिति के अनुसार पिछले छह महीनों में कार्यरत जिलों के साथ-साथ शाखाओं एवं मिलन केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में देश के 852 जिलों में 4,886 शाखाएं, 1,173 मिलन केंद्र तथा 1,332 सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं।

प्रतिनिधियों ने राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संगठन के विस्तार के लिए चल रहे विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की। साथ ही वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, महिलाओं एवं युवाओं के समक्ष मौजूद चुनौतियों तथा उनके संभावित समाधान पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक के अंतिम दिन जनसंख्या असंतुलन के कारणों और उसके संभावित प्रभावों पर चर्चा करते हुए प्रतिनिधियों ने चिंता व्यक्त की। इस विषय पर एक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें केंद्र एवं राज्य सरकारों से सभी समुदायों के लिए समान राष्ट्रीय जनसंख्या नीति तथा समान नागरिक संहिता लागू करने की मांग की गई।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रमुख संचालिका शांताकुमारी ने कहा कि कुरुक्षेत्र की भूमि आंतरिक द्वंद्व को समाप्त कर समाजहित में दृढ़ संकल्प लेने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि धर्म स्थापना और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से समर्पित भाव के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य विस्तार का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपने व्यक्तित्व को और अधिक सशक्त बनाते हुए संगठन के 90 वर्ष की यात्रा के बाद शताब्दी वर्ष की ओर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।