– Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, औरंगाबाद के रिसिअप थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक रंगे हाथ दबोचा गया
पटना, 31 जुलाई 2026। भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (वीआईबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए औरंगाबाद जिले के रिसिअप थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक उमेश कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को रिसिअप थाना के पीछे स्थित पंचायत भवन के सामने सड़क से गिरफ्तार किया गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या-091/26, दिनांक 30 जुलाई 2026 दर्ज किया गया था। कार्रवाई ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने विशेष धावादल के माध्यम से की।
जानकारी के अनुसार, परिवादी लक्ष्मण राम, निवासी गणपत तेन्दुआ, थाना रिसिअप, जिला औरंगाबाद ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके तथा पड़ोसी पक्ष के बीच दर्ज काउंटर केस में अनुसंधानकर्ता के रूप में कार्यरत पुलिस अवर निरीक्षक उमेश कुमार विपक्ष द्वारा दर्ज रिसिअप थाना कांड संख्या-159/26 से कुछ धाराएं हटाने और उनके दो पुत्रों का नाम केस से निकालने के एवज में 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि रिश्वत नहीं देने पर मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ने की धमकी दी जा रही थी।
Follow this link to JOIN our WhatsApp Community
ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद वरीय पुलिस उपाधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में विशेष धावादल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे माननीय विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में प्रस्तुत किया जाएगा। मामले में आगे की अनुसंधान प्रक्रिया जारी है।
ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 91वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 84 ट्रैप कांड शामिल हैं, जिनमें अब तक 83 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है। इन मामलों में कुल 30,13,800 रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है।
ब्यूरो ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37,80,300 रुपये रिश्वत की राशि बरामद हुई थी। वहीं, 30 जुलाई 2026 तक दर्ज 84 ट्रैप कांड पिछले सात वर्षों में सबसे अधिक हैं, जो भ्रष्टाचार के विरुद्ध ब्यूरो की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई को दर्शाते हैं। ब्यूरो ने भविष्य में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।

