– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher
विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी विकास मंच की पहल, ग्रामीण क्षेत्रों में दिखा उत्साह
तुपकाडीह (बोकारो), 9 अगस्त। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जरीडीह प्रखंड और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह और उमंग का माहौल रहा। इस अवसर पर आदिवासी विकास मंच की ओर से सामाजिक सरोकार के तहत खूंटरी, बारू, कल्याणपुर, सिमलडीह, जैना, बालीडीह, बाराडीह और बांधडीह सहित विभिन्न गांवों की करीब दो हजार जरूरतमंद महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को साड़ी प्रदान कर विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन में ग्रामीणों की बड़ी भागीदारी रही और सामाजिक सहयोग की इस पहल की सराहना की गई।
आदिवासी भाषा और संस्कृति पर गर्व जरूरी : मोहन मुर्मू
लाहीगजार गांव में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला उपाध्यक्ष मोहन मुर्मू ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस का उद्देश्य आदिवासी समाज को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ उसकी समृद्ध भाषा, संस्कृति, लोक परंपराओं और त्योहारों के प्रति नई पीढ़ी में गौरव की भावना विकसित करना है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा का संकल्प
युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमित सोरेन ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक आदिवासी के लिए स्वाभिमान और उल्लास का प्रतीक है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन तथा देश और राज्य की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले आदिवासी वीरों को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की बात कही।
कार्यक्रम में अजय किस्कू, उपेंद्र हेम्ब्रम, सोहन मुर्मू, अजीत मुर्मू, तुलसी मरांडी, महेश सोरेन सहित आदिवासी विकास मंच के कई सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक सहयोग के साथ आदिवासी समाज की संस्कृति, स्वाभिमान और अधिकारों के संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

