– Santosh Kr. Srivastav : Editor in Chief & Publisher
बोकारो आदिवासी महोत्सव-2026 में छह गांवों को सामुदायिक वन अधिकार पट्टा, वन सुरक्षा के लिए पांच गश्ती वाहन रवाना
बोकारो, 9 अगस्त। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित बोकारो आदिवासी महोत्सव-2026 आदिवासी संस्कृति और परंपरा के उत्सव के साथ वन अधिकार एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पहल का साक्षी बना। महोत्सव के दौरान गोमिया और पेटरवार प्रखंड के छह गांवों के ग्रामीणों को कुल 4,300 एकड़ रिकॉर्डेड वन क्षेत्र का सामुदायिक वन अधिकार पट्टा सौंपा गया। वहीं, वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बोकारो वन प्रमंडल के वन रक्षकों को पांच नए आधुनिक गश्ती वाहन भी उपलब्ध कराए गए।
कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद, चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक और बोकारो विधायक श्वेता सिंह की मौजूदगी में ग्रामीणों को सामुदायिक वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया।
छह गांवों को मिला सामुदायिक वन अधिकार
महोत्सव के दौरान छह गांवों के ग्रामीणों को कुल 4,300 एकड़ वन क्षेत्र पर सामुदायिक वन अधिकार प्रदान किया गया। इनमें चोरगावां गांव के ग्रामीणों को 2,800 एकड़ तथा गांगपुर गांव के ग्रामीणों को 900 एकड़ भूमि का अधिकार मिला। शेष वन क्षेत्र अन्य संबंधित गांवों के सामुदायिक वन अधिकार के अंतर्गत प्रदान किया गया।
इस अधिकार के मिलने से लंबे समय से जंगलों की सुरक्षा और संरक्षण में भूमिका निभा रहे ग्रामीणों तथा ग्राम सभाओं को वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन, प्रबंधन और न्यायसंगत उपयोग का कानूनी अधिकार प्राप्त होगा।
वन संरक्षण में ग्रामीणों की भूमिका होगी मजबूत
सामुदायिक वन अधिकार मिलने से ग्रामीण समुदायों की जंगलों के संरक्षण में भागीदारी को संस्थागत आधार मिलने की उम्मीद है। ग्राम सभाएं स्थानीय स्तर पर वन संसाधनों के संरक्षण, प्रबंधन और उनके टिकाऊ उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
यह पहल वन अधिकारों के साथ-साथ आदिवासी एवं ग्रामीण समुदायों के पारंपरिक वन-आधारित जीवन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पांच नए गश्ती वाहनों से मजबूत होगी वन सुरक्षा
वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए बोकारो वन प्रमंडल के वन रक्षकों को पांच नए आधुनिक गश्ती वाहन सौंपे गए। इन वाहनों के उपलब्ध होने से वन क्षेत्रों में नियमित गश्ती अभियान को गति मिलने की उम्मीद है।
नए वाहनों के माध्यम से वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, वन उपज की तस्करी और वन्यजीव अपराध जैसी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जा सकेगी। इससे संवेदनशील वन क्षेत्रों में वन विभाग की पहुंच और त्वरित कार्रवाई की क्षमता भी मजबूत होगी।
बोकारो आदिवासी महोत्सव-2026 में संस्कृति और परंपरा के उत्सव के साथ ग्रामीणों के वन अधिकारों को मजबूत करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में उठाए गए कदम ने आयोजन को विशेष महत्व दिया।

