औरंगाबाद में 10 हजार घूस लेते वन स्टॉप सेंटर की परियोजना प्रबंधक गिरफ्तार: निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

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–संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट

पक्ष में रिपोर्ट देने के नाम पर मांगी थी रिश्वत, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की महिला धावादल ने समाहरणालय स्थित कार्यालय से दबोचा

औरंगाबाद, 28 सितम्बर 2026 : बिहार सरकार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए औरंगाबाद जिला समाहरणालय स्थित महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर सह महिला हेल्पलाइन की केंद्र प्रशासक सह परियोजना प्रबंधक कांति कुमारी को 10,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। ब्यूरो की विशेष टीम ने यह गिरफ्तारी उनके कार्यालय कक्ष से की।

घटना के संबंध में औरंगाबाद जिले के टंडवा थाना अंतर्गत ग्राम सिकरिया मनियार निवासी पूनम देवी (पति राजेन्द्र सिंह) ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादिनी ने आरोप लगाया था कि उनकी पट्टीदार पूजा देवी ने खाली जमीन पर कचरा फेंकने और पानी बहाने को लेकर उनके और पांच अन्य लोगों के विरुद्ध सखी वन स्टॉप सेंटर में आवेदन दिया था। इस मामले में जांच रिपोर्ट परिवादिनी के पक्ष में बनाने के एवज में केंद्र प्रशासक कांति कुमारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

निगरानी ब्यूरो द्वारा कराई गई गोपनीय जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद 25 सितंबर 2026 को निगरानी थाना में कांड सं.-114/26 दर्ज किया गया। अनुसंधानकर्ता व पुलिस निरीक्षक शाहनवाज रिजवी के अनुरोध पर महिला पुलिस उपाधीक्षक रिश्तिा स्नेह के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया। मामले में वादी और अभियुक्त दोनों महिलाएं होने के कारण टीम में महिला पुलिसकर्मी रिंकू कुमारी, रूबी कुमारी एवं सोनम कुमारी को शामिल किया गया था, जिन्होंने सूझबूझ से ट्रैप बिछाकर सोमवार को समाहरणालय परिसर से आरोपी अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के उपरांत गिरफ्तार कांति कुमारी को पटना स्थित विशेष निगरानी अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 में निगरानी ब्यूरो का यह 104वां ट्रैप केस है, जिसमें अब तक 104 भ्रष्ट लोक सेवकों को रंगे हाथ दबोचते हुए 37,47,800 रुपये रिश्वत की राशि और एक वॉशिंग मशीन बरामद की जा चुकी है।

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