– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
32 वर्षों के अनुभवी अधिकारी ने संभाला पदभार, संरक्षा और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण की उम्मीद
पटना/दानापुर, 04 सितंबर 2026: डिम्पी गर्ग ने पूर्व मध्य रेल के नए महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके कार्यभार संभालने से पूर्व मध्य रेल के परिचालन में सुधार और समग्र विकास की नई उम्मीद जगी है। इससे पहले गर्ग उत्तर रेलवे, नई दिल्ली में प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता के पद पर पदस्थापित थे। वे ‘भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग सेवा’ (आईआरएसएमई) के 1990 बैच के अधिकारी हैं। स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसशिप (एससीआरए) के माध्यम से भारतीय रेल सेवा में आए गर्ग अपने बैच के टॉपर और गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं।
32 वर्षों से अधिक के सेवाकाल में गर्ग ने भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के निर्माण, रोलिंग स्टॉक, परिचालन, संरक्षा, प्लानिंग और पॉलिसी निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने तत्कालीन पश्चिम रेलवे के आबू रोड में एएमई (डीजल) के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। इसके बाद उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर, अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम), मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तथा मुख्यालय में प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी और प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वे आरवीएनएल में अपर महाप्रबंधक तथा रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक (कोचिंग) एवं कार्यकारी निदेशक (संरक्षा) के पदों पर भी रहे हैं।
परियोजना निष्पादन और रेलवे इंजीनियरिंग में उत्कृष्टता के लिए गर्ग को कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं। वर्ष 2001 में सीडीओ (मुंबई सेंट्रल) के रूप में मुंबई सेंट्रल कोचिंग डिपो को आईएसओ 9002 सर्टिफिकेशन प्राप्त कराने वाला भारतीय रेलवे का पहला डिपो बनाने पर उन्हें जीएम अवार्ड मिला। वर्ष 2007 में रेलवे बोर्ड में डायरेक्टर प्लानिंग (एमई) के रूप में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें रेल मंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इरमी (IRIMEE), जमालपुर से यांत्रिक इंजीनियरिंग की उपाधि प्राप्त करने के साथ ही उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स इंडिया (कोलकाता) और इंजीनियरिंग काउंसिल (लंदन) से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने जर्मनी और स्विट्जरलैंड से एलएचबी कोच मेंटेनेंस तथा स्वीडन में व्हील-रेल इंटरेक्शन का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण लिया है। इसके अलावा आईआईएम अहमदाबाद एवं विश्व बैंक से ‘फ्रंटियर्स इन इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस’ पाठ्यक्रम भी पूरा किया है। उनके प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी दक्षता से पूर्व मध्य रेल की परिचालनिक क्षमता और संरक्षा मानकों को नई मजबूती मिलेगी।
