– एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट
प्रोटेक्शन वॉल के 108 रास्ते और 13 सलूईस गेट होंगे सील, 66 सरकारी नावें और एसडीआरएफ तैनात
पटना, 04 सितंबर 2026: गंगा और पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा और नगर आयुक्त यशपाल मीणा सहित वरीय अधिकारियों के दल ने गुरुवार को दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट, गोसाईं टोला सहित पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि शहर के भीतर बाढ़ का पानी किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं करना चाहिए और इसके लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय रातभर में मुकम्मल किए जाएं।

प्रोटेक्शन वॉल सील, पंपिंग स्टेशन 24 घंटे रहेंगे सक्रिय
जिलाधिकारी ने पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल में बने सभी 108 रास्तों को तुरंत बंद करने का आदेश दिया। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर रिसाव मिलने पर सभी 13 सलूईस गेटों के लीकेज को तत्काल दुरुस्त कराया गया। शहर से जल निकासी सुनिश्चित करने के लिए सभी ड्रेनेज पंपिंग स्टेशनों (डीपीएस) को 24 घंटे क्रियाशील रखने को कहा गया है। पाटलिपुत्र कॉलोनी की सुरक्षा के मद्देनजर सदाकत आश्रम के निकट स्थित नाले को रातभर में बंद करने का निर्देश नगर निगम, जल संसाधन विभाग और बुडको की संयुक्त टीम को दिया गया।
तटबंधों की सतत निगरानी और रामपुर लवाईज बैराज का मुआयना
पुनपुन नदी पर बने रामपुर लवाईज बैराज और चंडासी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया गया। कार्यपालक अभियंता ने स्थिति को नियंत्रण में बताया। जिलाधिकारी ने तटबंधों में कटाव या क्षति दिखने पर न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम में मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए। अथमलगोला के रामनगर दियारा, खुसरूपुर के कठौतिया, मोकामा और पुनपुन के गोपालपुर-तारणपुर में तटबंधों के सुदृढ़ीकरण का कार्य शुरू करा दिया गया है।

राहत शिविर, 66 निःशुल्क नावें और एसडीआरएफ की तैनाती
निचले इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर बने राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। बाढ़ और दानापुर अंचल में एक-एक तथा पाटलिपुत्र अंचल में दो राहत शिविर सामुदायिक रसोई के साथ संचालित हैं। पशुओं के चारे और दवा के लिए पांच पशु शिविर बनाए गए हैं। दियारा व प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन हेतु कुल 66 निःशुल्क नावें संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा उमानाथ घाट, अलखनाथ घाट, एनआईटी घाट, गांधी घाट, कंगन घाट, दीघा घाट और जेपी सेतु सहित प्रमुख घाटों पर एसडीआरएफ की टीमें मोटर बोट और गोताखोरों के साथ 24 घंटे तैनात हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों और जलमग्न क्षेत्रों में जाने या स्नान करने से बचें तथा बच्चों को पानी से दूर रखें।
