DPO के ठिकानों पर EOU की छापेमारी

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एस०एन०चतुर्वेदी की रिपोर्ट

आय से अधिक संपत्ति के मामले में सहरसा, सारण और सीवान के चार ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

सहरसा, 09 अगस्त। बिहार के सहरसा में तैनात शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) अजीत अमर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू की टीम ने सहरसा, सारण और सीवान स्थित उनके चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान जमीन, मकान, वाहन, आभूषण, बैंक खातों और निवेश से जुड़े कई दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है।

ईओयू के अनुसार अजीत अमर फरवरी 2022 में सरकारी सेवा में आए थे। जांच में आरोप है कि करीब साढ़े चार वर्ष के सेवाकाल में उनकी घोषित आय की तुलना में संपत्ति का अर्जन काफी अधिक रहा। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई।

एकमा में जमीन खरीद का खुलासा

जांच के दौरान सामने आया कि अजीत अमर ने अपनी पत्नी पूजा कुमारी के नाम पर सारण जिले के एकमा में 6 बीघा 9 कट्ठा 8 धूर यानी 481.36 डिसमिल जमीन खरीदी। ईओयू को मिले दस्तावेजों के अनुसार इस जमीन की खरीद करीब 41.50 लाख रुपये में की गई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार संपत्ति से जुड़े लेन-देन के अलावा एक महिंद्रा स्कॉर्पियो और एक यामाहा एफएच बाइक खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है।

पैतृक जमीन पर आलीशान मकान

सीवान जिले में अजीत अमर की पैतृक जमीन पर बने मकान की भी जांच की गई। ईओयू के अनुसार इस मकान के निर्माण की अनुमानित लागत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। जांच टीम संपत्ति के निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय स्रोतों की भी पड़ताल कर रही है।

40 लाख से अधिक के आभूषण मिलने का दावा

तलाशी के दौरान निजी आवास से करीब 40.05 लाख रुपये मूल्य के आभूषण मिलने की जानकारी ईओयू की ओर से दी गई है। इसके अलावा वर्ष 2023 से 2025 के बीच करीब 27 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीद से संबंधित दस्तावेज भी मिलने की बात कही गई है।

वेतन से 38 लाख की आय, संपत्ति पर जांच

ईओयू के मुताबिक, अजीत अमर को करीब साढ़े चार वर्ष के सेवाकाल में वेतन मद से लगभग 38 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। जांच एजेंसी अब उनकी आय के स्रोत, संपत्ति के मूल्य और निवेश से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

बताया गया है कि छपरा में प्रतिनियुक्ति के दौरान अजीत अमर पर भ्रष्टाचार के माध्यम से अवैध धन अर्जित करने के आरोप लगे थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से जांच की गई और उन्हें मूल पदस्थापन स्थल सहरसा वापस भेज दिया गया था।

छापेमारी के दौरान चार बैंक खातों तथा विभिन्न निवेशों से संबंधित कई दस्तावेज भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। ईओयू अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।