पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर सीधा प्रहार : WJAI

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Santosh K Srivastav : Editor in Chief & Publisher

छात्र आंदोलन की आड़ में हुई हिंसा और मीडिया कर्मियों पर हमलों की वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने की कड़ी निंदा

पटना: वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने छात्रों के शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन की आड़ में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई हिंसा, आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा समाचार संकलन कर रहे पत्रकारों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी पर सीधा प्रहार बताया है।

संगठन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन किसी भी आंदोलन को हाईजैक कर हिंसा फैलाना और अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। WJAI ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के प्रहरी हैं और उन पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास है।

वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनन्द कौशल ने कहा कि शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन को हिंसा में बदलने वाले असामाजिक तत्व लोकतांत्रिक मूल्यों के विरोधी हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

संगठन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अमित रंजन ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र की आंखों पर हमला है। दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कठोर कार्रवाई तथा घायल पत्रकारों को समुचित सुरक्षा एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

राष्ट्रीय महासचिव मधूप मणि ‘पिक्कू’ ने कहा कि हिंसा किसी भी जनआंदोलन की वैधता को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने और मीडिया कर्मियों को निशाना बनाने वाले तत्वों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। लोकतंत्र संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं से चलता है, हिंसा से नहीं।

वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार, प्रशासन और पुलिस से मांग की कि हिंसा एवं पत्रकारों पर हमले में शामिल सभी आरोपियों की निष्पक्ष पहचान कर उनके विरुद्ध त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पत्रकारों की सुरक्षा के प्रभावी और स्थायी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

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