– संतोष श्रीवास्तव की रिपोर्ट
प्रबंधन के साथ वार्ता में स्थानीय मुद्दों पर बना रोड मैप, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
बोकारो, 04 सितंबर 2026: बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) और एसएमएस-2 सीसीएस के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पूर्व की विभागीय चर्चाओं के दौरान कर्मचारियों द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष प्रमुखता से रखा गया। विभागीय प्रबंधन ने आगामी कुछ महीनों के भीतर अधिकांश स्थानीय समस्याओं के समाधान का स्पष्ट रोड मैप संघ को सौंपा, जबकि विभाग से इतर मामलों को संबंधित विभागों व उच्च प्रबंधन के संज्ञान में लाकर शीघ्र हल कराने का भरोसा दिया।
बैठक के दौरान कर्मचारियों से जुड़े निम्नलिखित 14 प्रमुख लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई:
- इंसेंटिव रिवार्ड राशि में कमी का समाधान: इंसेंटिव रिवार्ड फॉर्मूला के कारण राशि कम होने के मुद्दे पर सीजीएम और मानव संसाधन विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी आंकड़ों का बारीकी से अध्ययन कर समाधान निकाला जाएगा तथा किसी भी परिस्थिति में कर्मचारियों को पूर्व में मिल रही राशि से कम भुगतान नहीं होने दिया जाएगा। वर्तमान में उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद 2007 के फॉर्मूले के आधार पर ही भुगतान किया जा रहा है।
- एक्टिंग अलाउंस व मल्टी स्किलिंग स्कीम: विभाग के कई कर्मचारी अपने से उच्च ग्रेड का कार्य निष्पादित कर रहे हैं। श्रम कानूनों के अनुसार उन्हें एक्टिंग अलाउंस का भुगतान किया जाए तथा मल्टी स्किलिंग योजना अविलंब शुरू की जाए।
- नॉन फाइनेंशियल मोटिवेशनल स्कीम: निर्धारित लक्ष्य से अधिक उत्पादन होने की स्थिति में कर्मचारियों के उत्साहवर्धन हेतु नॉन फाइनेंशियल मोटिवेशनल स्कीम के तहत उपहार वितरित किए जाएं।
- हायर पेंशन व सेकंड डिमांड अप्रूवल: ईपीएस-95 उच्च पेंशन विकल्प चुनने वाले कर्मियों के सेकंड डिमांड राशि की कटौती में हो रही देरी दूर की जाए। पहली किस्त में बड़ी कटौती हो चुकी है, ऐसे में सेकंड डिमांड नहीं कटने से सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन शुरू होने में बाधा आ रही है तथा ब्याज का नुकसान हो रहा है। एचआर, वित्त व ईपीएफओ समन्वय बनाकर इसका तुरंत निपटारा करें।
- कैंटीन में सुधार: विभागीय कैंटीनों में खाद्य गुणवत्ता बेहद निम्न रहती है। सेल (SAIL) कॉर्पोरेट कार्यालय की तर्ज पर कैंटीन संचालित की जाए, जहां ₹22 में गुणवत्तापूर्ण भोजन (चावल, रोटी, दाल, दो तरह की सब्जियां, हलवा, सलाद, पापड़ आदि) परोसा जाता है।
- अटेंडेंस करेक्शन: कर्मियों के लिए अटेंडेंस करेक्शन की प्रक्रिया को सुगम और सरल बनाया जाए।
- रेस्ट रूम की सुविधाएं: विभाग के सभी अनुभागों के रेस्ट रूम में सुव्यवस्थित फर्नीचर, कूलर, एसी, आरओ पेयजल और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था की जाए।
- ड्रेनेज सिस्टम की सफाई: बरसात से पूर्व और दौरान सभी स्थानों के जल निकासी तंत्र का नियमित सर्वेक्षण कर जाम नालों की सफाई कराई जाए।
- जर्जर शीटों को हटाना: शेडों में लटकी पुरानी और जर्जर शीटों को तुरंत हटाया जाए, ताकि आंधी-तूफान के समय किसी दुर्घटना या जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।
- शौचालयों का कायाकल्प: शौचालयों का सर्वेक्षण कर टूटे दरवाजे, खिड़कियां, जर्जर कमोड, वाश बेसिन, लाइट, एग्जॉस्ट फैन और टूटी टाइल्स की अविलंब मरम्मत हो तथा सफाई के लिए नियमित कैलेंडर बनाकर पालन किया जाए।
- वाटर प्यूरीफायर का अनुरक्षण: विभिन्न अनुभागों में बंद पड़े वाटर प्यूरीफायर की मरम्मत की जाए और उनके कैंडल समेत अन्य उपकरण समय पर बदले जाएं।
- जर्जर सर्विस रोड की मरम्मत: विभाग के भीतर आवागमन हेतु बनी जर्जर सर्विस सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
- शेड से पानी टपकने की समस्या: चैनल और शीट जर्जर होने के कारण बरसात में शेड से पानी टपकने की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
- 36 मीटर एरिया में पेयजल: 36 मीटर कार्यक्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आरओ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संघ की ओर से महासचिव हरिओम, कोषाध्यक्ष राहुल कुमार साव, उपमहासचिव माणिक मुंडा और विभागीय प्रतिनिधि त्रिवेणी सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के उपरांत एसएमएस-2 सीसीएस के विभागीय प्रतिनिधि त्रिवेणी सिंह और अनिरुद्ध शर्मा ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि प्रबंधन नया लाभ देने के बजाय पुरानी सुविधाओं में कटौती की रणनीति अपनाता है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण इंसेंटिव राशि में कटौती है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इंसेंटिव और रिवार्ड का मामला सम्मानजनक ढंग से हल नहीं हुआ, तो संपूर्ण विभाग स्तर पर व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
